SEBI:- स्टॉक मार्केट में निवेश करने के लिए निवेशक को डीमैट अकाउंट (Demat Account) की जरुरत पड़ती है। बिना डीमैट खाते के आप शेयरों, आईपीओ, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड, सरकारी सिक्योरिटी इत्यादि की खरीद-फरोत नहीं कर सकते। आप किसी भी डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट (DP) के जरिए अपना डीमैट खाता बड़ी आसानी से खुलवा सकते है। ऐसे में डीमैट अकाउंट होल्डर्स को लेकर सेबी यानी मार्केट रेग्युलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया ने अहम जानकारी देते हुए बताया कि देश में कुल 13.6 करोड़ डीमैट खाते है और इनमें से तकरीबन 9.8 करोड़ डीमैट खाते ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक अपना नॉमिनेशन अपडेट नहीं दी है।
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डीमैट अकाउंट होल्डर्स नॉमिनेशन के आंकड़े
रिपोर्ट के मुताबिक़ देश में डीमैट अकाउंट्स होल्डर्स की संख्या में बड़ी तेजी से इजाफा हुआ है। सेबी के अनुसार 9.51 करोड़ (69.73%) अकाउंट होल्डर्स ने जानबूझकर नॉमिनेशन न करने का ऑप्शन चुना है। जबकि ऐसे खातों की संख्या 2.76% है जो अभी तक असमंजस में है, इन्होंने ना तो अभी तक नॉमिनेशन किया है और ना ही इस विकल्प से बाहर निकले है।
31% ज्वाइंट डीमैट अकाउंट होल्डर्स ऐसे है जिन्होंने नॉमिनेशन से बाहर निकलने का विकल्प चुना है ।
डीमैट ज्वाइंट होल्डिंग में 6% अकाउंट ऐसे है जिन्होंने ना तो नॉमिनेशन किया है और ना ही बाहर निकलने का विकल्प चुना ।
म्यूचुअल फंड नॉमिनेशन के आंकड़े
म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) फोलियो नॉमिनेशन के आंकड़ों की बात करें तो देश में इनकी कुल संख्या 8.90 करोड़ है। इनमें से 6% अकाउंट ऐसे है जिन्होंने नॉमिनेशन न करके बाहर निकलने का विकल्प चुना है।
जबकि 8% अकाउंट होल्डर्स ऐसे हैं, जो नॉमिनेशन डिटेल्स को लेकर असमंजस में हैं। इन्होंने अभी तक ना तो नॉमिनेशन का विकल्प चुना है और ना ही उससे बाहर निकलने का विकल्प चुना है।
ज्वाइंट अकाउंट होल्डर्स में से 7% म्यूचुअल फंड फोलियो जिन्होंने नॉमिनेशन से बाहर निकलने का विकल्प चुना है। जबकि 27.19% MF ज्वाइंट अकाउंट ऐसे है जिन्होंने न तो नॉमिनेशन किया है और न उससे बाहर निकलने का विकल्प चुना है।
ये है नॉमिनेशन डिटेल्स को दरकिनार करने का कारण ?
डीमैट अकाउंट और म्यूचुअल फंड्स खाताधारकों के बीच नॉमिनेशन विवरण को लेकर दिखाई दे रहे इतने बड़े अंतर का मुख्य कारण आज के दौर के स्टॉक ब्रोकरों की लापरवाही का नतीजा है। ये नए ब्रोकर्स नॉमिनेशन की प्रोसेस को अनदेखा कर रहे हैं। यानी ये नए ब्रोकर्स अकाउंट होल्डर्स की सहमति के बिना नॉमिनेशन फील्ड को अपडेट कर रहे हैं।
SEBI ने चौथी बार बढ़ाई डेडलाइन
गौरतलब है कि अब से पहले सेबी द्वारा डीमेट अकाउंट होल्डर्स को नॉमिनी चुनने या औपचारिक रूप से बाहर निकलने की डेडलाइन को 3 बार बढ़ा चुकी है। सेबी ने चेतावनी जारी करते हुए कहा थी कि अगर कोई इस प्रोसेस का पालन नहीं करेगा तो उनके अकाउंट को इन-एक्टिव कर दिया जाएगा। सेबी द्वारा पहली बार इसकी तारीख़ 31 मार्च 2023 निर्धारित की थी। इसके बाद सेबी द्वारा समय सीमा को बढ़ाकर 30 सितंबर और बाद में 31 दिसंबर 2023 तक कर दिया गया था।
ऐसे में कुछ स्टॉक ब्रोकरों ने इन-एक्टिव से बचने के लिए समय सीमा नज़दीक आने पर नॉमिनेशन का विवरण बिना दिये अपडेट कर दिया था।
ऐसे में पिछले महीने चौथी बार फिर से सेबी ने नॉमिनेशन करने के लिए समय सीमा को बढ़ाते हुए 30 जून 2024 कर दिया है।
नॉमिनी सिर्फ संरक्षक
मुंबई स्थित एक इन्वेस्टिंग फर्म और एस्टेट प्लानिंग फर्म, SOLUFIN की फाउंडर मोहिनी महादेविया द्वारा मिंट को जानकारी देते हुए चेतावनी दी कि कानूनी रूप से नॉमिनेशन के बिना, डीमैट खाता होल्डिंग्स तक पहुंच पाना, कानूनी उत्तराधिकारियों के लिए एक कठिन और लंबी प्रक्रिया बन जाती है। ऐसे में प्रोबेटेड वसीयत, सरकारी पत्र या उत्तराधिकार से संबंधित प्रमाणपत्रों को शामिल करना पड़ता है।
भविष्य में किसी भी प्रकार की परेशानी से बचने के लिए हमेशा नॉमिनेशन करने का सुझाव दिया जाता है।
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