चीन का सोने पर बड़ा दांव: 15 महीने लगातार खरीदारी, 369 अरब डॉलर का भंडार, जानें कीमतों पर क्या पड़ेगा असर

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हाइलाइट्स-

  • चीन ने 15वें महीने लगातार खरीदा सोना
  • गोल्ड रिजर्व वैल्यु 369.58 अरब डॉलर पर पहुंची
  • जनवरी में सोना 5,600 डॉलर तक गया, फिर 4,403 डॉलर तक गिरा
  • चीन में गोल्ड बार-कॉइन की खरीद 35.14% बढ़ी

China Gold Reserve: चीन ने फिर से एक बार दुनिया को चौंका दिया है। इस बार जो मामला है वो सोने के रिजर्व का है, जी हाँ पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने जनवरी में भी अपने गोल्ड रिजर्व में इजाफा किया है। यह लगातार 15वां महीना है जब ड्रैगन देश सोने पर पैसा लुटा रहा है। ऐसे में हर किसी के दिमाग़ में एक ही सवाल उठ रहा है कि आखिर चीन इतना सोना क्यों इकट्ठा कर रहा है? और इसका असर आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा?

कितना सोना जमा किया चीन ने?

रॉयटर्स की हाल ही में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी के अंत तक चीन के पास सोने की मात्रा बढ़कर 74.19 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस हो गई। एक महीने पहले यह आंकड़ा 74.15 मिलियन ट्रॉय औंस था।

अब वैल्यू की बात करें तो यहां तो जबरदस्त उछाल देखने को मिला। चीन के गोल्ड रिजर्व का मूल्य बढ़कर 369.58 अरब डॉलर पहुंच गया। दिसंबर में यह 319.45 अरब डॉलर था। मतलब साफ है की चीन दुनियाभर में सोने में अपनी दावेदारी मजबूत कर रहा है।

गोल्ड प्राइस में उतार-चढ़ाव का खेल

वहीं अगर सोने की कीमतों (Gold Price ) की बात करें तो जनवरी में सोने ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिया थे। सट्टा खरीदारी के चलते ग्लोबल मार्केट में 29 जनवरी को सोने कीमतें करीब 5,600 डॉलर प्रति औंस के क़रीब पहुंच गईं थी। लेकिन यह तेजी ज्यादा दिन नहीं टिक सकी और अगले ही दिन यानी 30 जनवरी 2026 को 4,895 डॉलर के क़रीब आ धमकी ।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नए चेयर केविन वार्श के नामांकन के बाद स्पॉट गोल्ड में फिर भारी गिरावट आई। सोमवार 2 फरवरी को सोना 4,402.83 डॉलर प्रति औंस तक लुढ़क गया। फिलहाल आज की तारीख में यह करीब 4,964.30 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है। यह उतार-चढ़ाव Global Gold Market में हलचल मचाए हुए है। सिल्वर में भी कुछ ऐसी ही स्थिति बनी हुई है, दुनिया भर के निवेशकों और आम आदमी की निगाहें अब हर रोज़ गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर टिकी हुई है ।

चीन में सोने की खपत घटी, लेकिन बार-कॉइन की खरीद बढ़ी

चीन में गोल्ड की कुल खपत (Total gold consumption in China) में लगातार दूसरे साल गिरावट दर्ज हुई है। चाइना गोल्ड एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में खपत 3.75 प्रतिशत घटकर 950 मीट्रिक टन रह गई।

लेकिन यहां एक दिलचस्प बात ये है की Safe Haven Investment की तलाश में चीनी नागरिक गोल्ड बार और कॉइन की खरीद में जुटे हैं। 2025 में इसकी खरीद 35.14 प्रतिशत बढ़ गई है। अब यह कुल गोल्ड खपत का आधे से ज्यादा हिस्सा है। आसान शब्दों में कहें तो चीन के लोग गहने कम जबकि सिक्के और पट्टियां ज्यादा खरीद रहे हैं। बाज़ार के जानकार इसे आर्थिक अनिश्चितता का सीधा संकेत मान रहे है।

क्यों रोकी थी खरीदारी, फिर क्यों शुरू की?

पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने मई 2024 में 18 महीने तक चली गोल्ड खरीद की श्रृंखला को रोका था। लेकिन छह महीने बाद फिर से सोना खरीदना शुरू कर दिया।

अब सवाल यह उठता है कि चीन यह क्यों कर रहा है? तो ऐसे में एक्सपर्ट इसे वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक जोखिम को लेकर देख रहे है । जब दुनिया में अनिश्चितता बढ़ती है, तो देश अपनी करेंसी को मजबूत करने के लिए सोने का सहारा लेते हैं। चीन का यह कदम Economic Uncertainty को दर्शाता है।

इसका असर क्या होगा?

चीन की लगातार खरीदारी से गोल्ड प्राइस को सपोर्ट मिल रहा है। अगर ड्रैगन देश इसी रफ्तार से सोना इकट्ठा करता रहा, तो दुनिया भर में गोल्ड की कीमतें और बढ़ सकती हैं। भारत में भी सोना महंगा हो सकता है।

लॉन्ग टर्म (Long Term) निवेशकों के लिए सोना अभी भी Investment का बेहतर विकल्प है। लेकिन उतार-चढ़ाव का खतरा बना रहेगा। सावधानी से और अपने वित्तीय सलाहकार से राय लेकर ही निवेश करें।

निष्कर्ष

चीन का सोने पर लगातार दांव दुनिया के वित्तीय बाजारों को हिला रहा है। 15 महीने की खरीदारी, 369 अरब डॉलर का भंडार। यह आंकड़े बताते हैं कि ड्रैगन देश किसी बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। निवेशकों को अपनी रणनीति बनानी होगी। सोना सुरक्षित है, लेकिन बिना होमवर्क के कूदना ठीक नहीं।

डिस्क्लेमर: यहां प्रदान की गई जानकारी एज्युकेशनल उद्देश्य के लिए दी जा रही है। यहां आपको यह बताना जरूरी है कि गोल्ड-सिल्वर, म्‍यूचुअल फंड या शेयर मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा SEBI रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह ज़रूर लें। BusinessTak द्वारा यहां कभी भी किसी को पैसा लगाने की सलाह नहीं दी जाती।

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Anu

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अनु कैरों है। मैंने साल 2016 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बिजनेस इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री की है। मैं एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हूं। मुझे बिजनेस सेक्शन में पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, इकोनॉमी जैसे विषयों पर ब्लॉग लिखना बेहद पसंद हैं। मेरा उद्देश्य पाठकों को फाइनेंस जगत से जुड़ी जानकारियां सरल हिंदी भाषा में उपलब्ध करवाना है।

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