Market Update 15 January 2026: नए साल की शुरुआत में ही सराफा बाजार ने नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं। जी हां, 14 जनवरी 2026 को दिल्ली सराफा बाजार (Delhi Bullion Market) में चांदी ने जहां 15,000 रुपये का छलांग मारी, वहीं सोना भी 1,500 रुपये चढ़कर नई ऊंचाइयों पर पहुंच गया। लेकिन इसी बीच शेयर बाजार में बिकवाली का दौर जारी रहा। आखिर क्या है इस उतार-चढ़ाव की वजह? आइए समझते हैं पूरा मामला।
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चांदी ने बनाया इतिहास: 91 डॉलर प्रति औंस के पार
सिल्वर की कीमतों में कल का ये उछाल कोई छोटा-मोटा नहीं है। दिल्ली में 99.9 फीसदी शुद्धता वाली चांदी 2.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई, जो अब तक का सबसे उच्च स्तर है। सिर्फ एक दिन में 15,000 रुपये की तेजी ने कारोबारियों को भी चौंका दिया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर चांदी ने भी पहली बार 91 डॉलर प्रति औंस की सीमा को पार किया। 91.56 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचकर चांदी ने करीब पांच फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की। हालांकि आज यानी गुरुवार 15 जनवरी को कॉमेक्स पर चांदी में गिरावट देखने को मिल रही है और ख़बर लिखें जाने के दौरान चांदी -2.16 (-2.36%) की गिरावट के साथ 89.225 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती नजर आई।
लेकिन सवाल ये है कि आखिर क्यों आ रही है चांदी में इतनी तेजी ?
कारोबारियों का कहना है कि आपूर्ति संकट के बीच औद्योगिक मांग में लगातार बढ़ोतरी चांदी को सपोर्ट दे रही है। सोलर पैनल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर में चांदी की खपत बेहद ऊंची स्तरों पर है। इसके अलावा, commodity market में निवेशकों का रुझान भी अब चांदी की तरफ बढ़ता जा रहा है।
सोना में भी तेजी का तड़का
सोने के भाव (Gold price) की बात करें तो 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना 1,500 रुपये महंगा होकर 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशकों के लिए सोना एक सुरक्षित विकल्प बना हुआ है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दर में कटौती की उम्मीदों ने भी सोने को और आकर्षक बनाया है। जब ब्याज दरें कम होती हैं, तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्ति की कीमतें आमतौर पर बढ़ती हैं।
चार दिनों में चांदी 42,500 रुपये का उछाल
आंकड़े बताते हैं कि पिछले चार कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में कुल 42,500 रुपये प्रति किलोग्राम या 19.66 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं सोना भी इसी अवधि में 8,800 रुपये प्रति 10 ग्राम या 6.39 फीसदी महंगा हो चुका है।
इससे पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 6,000 रुपये उछलकर 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी, जो तब की रिकॉर्ड ऊंचाई थी। सोना भी तब 400 रुपये बढ़कर 1,45,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था।
शेयर बाजार: FII की बिकवाली से बढ़ा दबाव
जहां सोना-चांदी चमक रहे हैं और हर रोज़ नया रिकॉर्ड हाई बना रहे है, वहीं घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का दौर जारी है। कल Sensex 244.98 अंक टूटकर 83,382.71 पर बंद हुआ, जबकि Nifty भी 66.70 अंक लुढ़ककर 25,665.60 पर आ गया।
दिन के निचले स्तर की बात करें तो सेंसेक्स 442.49 अंक फिसलकर 83,185.20 पर भी चला गया था। हालांकि, आखिरी घंटे में कुछ रिकवरी देखने को मिली।
विदेशी निवेशक लगातार कर रहे है बिकवाली
FII DII data के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने बुधवार को घरेलू बाजार में शुद्ध रूप से 4,781.24 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 5,217.88 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ सपोर्ट मिला।
क्यों गिरा बाजार? तीन मुख्य वजहें
बाजार विशेषज्ञों की मानें तो तीन प्रमुख कारणों से शेयर बाजार में गिरावट आई:
पहला, वैश्विक स्तर पर बढ़ता तनाव निवेशकों की धारणा को नकारात्मक कर रहा है।
दूसरा, विदेशी निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी ने घरेलू बाजार पर दबाव बनाए रखा है।
तीसरा, टैरिफ संबंधी नई अनिश्चितताओं ने भी निवेशकों को सतर्क किया हुआ है।
सेंसेक्स की 30 में से 18 कंपनियों के शेयर गिरावट में रहे। एशियन पेंट्स सर्वाधिक 2.39 फीसदी नुकसान में बंद हुआ। वहीं टाटा स्टील और इन्फोसिस समेत 12 शेयरों में 3.70 फीसदी तक की तेजी देखने को मिली।
स्मॉलकैप और मिडकैप में हल्की तेजी
बड़े सूचकांकों में गिरावट के बीच BSE Smallcap में 0.25 फीसदी और Midcap में 0.16 फीसदी की हल्की तेजी रही। सेक्टोरल इंडेक्स में BSE IT में सबसे ज्यादा बढ़त देखने को मिली।
FAQs
1. सोने और चांदी की कीमतों में इतनी तेजी का असली कारण क्या है?
Ans. आपूर्ति संकट और औद्योगिक मांग के अलावा वैश्विक अनिश्चितता में सुरक्षित निवेश की मांग मुख्य कारण है। अमेरिकी फेड की ब्याज दर कटौती की उम्मीदें भी कीमतों को सपोर्ट कर रही हैं।
2. क्या यह तेजी जारी रहेगी?
Ans. पिछले चार सत्रों से लगातार तेजी दर्ज की जा रही है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव स्वाभाविक है, निवेशक सतर्क रहें।
3. शेयर बाजार में FII क्यों बेच रहे हैं?
Ans. वैश्विक तनाव, टैरिफ अनिश्चितता और घरेलू बाजार में वैल्यूएशन चिंताएं FII निकासी के मुख्य कारण हैं।
4. DII की खरीदारी से बाजार को कितना फायदा?
Ans. DII ने 5,217.88 करोड़ रुपये की खरीदारी की है, जिससे बाजार को कुछ स्थिरता मिली है, लेकिन FII की बिकवाली अभी भी दबाव बनाए हुए है।
5. सोना और चांदी में निवेश करना सही है?
Ans. यह आपके निवेश लक्ष्य और जोखिम क्षमता पर निर्भर करता है। वर्तमान में दोनों में तेजी है, लेकिन उच्च स्तरों पर निवेश करते समय सतर्कता बरतें।
डिस्क्लेमर: यहां प्रदान की गई जानकारी एज्युकेशनल उद्देश्य के लिए दी जा रही है। यहां आपको यह बताना जरूरी है कि म्यूचुअल फंड या शेयर मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा SEBI रजिस्टर्ड फाइनेंशियल एडवाइज़र से सलाह ज़रूर लें। BusinessTak द्वारा यहां कभी भी किसी को पैसा लगाने की सलाह नहीं दी जाती।
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