Home Loan Repayment Hack: हर साल एक Extra EMI से होगी लाखों की बचत, जानें पूरी गणित

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Post Highlights

  • RBI ने रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा, EMI फिलहाल नहीं बदलेगी
  • हर साल एक Extra EMI देने से ₹1 करोड़ लोन पर ₹33 लाख ब्याज बचता है
  • लोन अवधि 25 साल से घटकर 20.5 साल हो जाती है, 4.5 साल की बचत
  • बेंचमार्क से जुड़े लोन और बैंक स्प्रेड पर नजर रखें

Home Loan Interest Saving Tips: RBI ने रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा है। इसका मतलब है कि आपकी होम लोन EMI फिलहाल नहीं बदलेगी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह स्थिरता आपके लिए गोल्डन अवसर साबित हो सकता है? अगर आप हर साल सिर्फ एक अतिरिक्त EMI का भुगतान करें, तो ₹1 करोड़ के लोन पर ₹33 लाख तक का ब्याज बचा सकते हैं। साथ ही लोन की अवधि भी 4-5 साल कम हो जाएगी।

RBI के फैसले के बाद क्यों है यह सही वक्त?

Repo Rate Impact on Home Loan – आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। ऐसे में रेपो-लिंक्ड होम लोन की EMI अभी नहीं बदलेगी। कई लोग ब्याज दरों में कटौती का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह दौर लोन अवधि घटाने का बेहतर मौका है।

जब EMI स्थिर रहती है, तो आपकी आय में हो रही वृद्धि का फायदा उठाकर अतिरिक्त भुगतान कर सकते हैं। इससे मूलधन जल्दी कम होगा और ब्याज का बोझ हल्का होगा। यह रणनीति लंबे समय में आपको लाखों रुपये बचा सकती है।

हर साल एक Extra EMI का जादू

Home Loan Prepayment Benefits

मान लीजिए आपने ₹1 करोड़ का होम लोन 25 साल के लिए लिया है। आपकी मासिक EMI लगभग ₹80,600 है। अगर आप हर साल सिर्फ एक अतिरिक्त EMI यानी ₹80,600 अलग से जमा कर दें, तो उसका बड़ा बेनिफिट आपको मिलेगा।

आपका लोन 25 साल की बजाय 20.5 साल में खत्म हो जाएगा। मतलब 4.5 साल पहले आप कर्जमुक्त हो जाएंगे। लेकिन सबसे बड़ा फायदा यह है कि आप ₹32.3 लाख का ब्याज बचा लेंगे। यह रकम आपकी एक छोटी सी स्मार्ट तरीके से चुकाई गई एक्स्ट्रा EMI से मिलती है।

हर साल एक एक्ट्रा ईएमआइ…इतने दिन पहले खत्म होगा लोन

लोन राशिओरिजिनल टेन्योरनया टेन्योरसमय की बचत
30 लाख25 साल21.2 साल3.8 साल
50 लाख25 साल21.0 साल4.0 साल
75 लाख25 साल20.8 साल4.2 साल
1 करोड़25 साल20.5 साल4.5 साल

अलग-अलग लोन राशि पर कितनी बचत?

Home Loan Prepayment Benefits की बात करें तो हर लोन राशि पर फायदा मिलता है। ₹30 लाख के लोन पर हर साल एक Extra EMI देने से लोन 3.8 साल पहले खत्म होगा और ₹9.5 लाख ब्याज बचेगा। ₹50 लाख के लोन पर 4 साल की बचत होगी और ₹16.1 लाख बचेंगे।

₹75 लाख के लोन पर स्थिति और बेहतर है। लोन 4.2 साल पहले चुका देंगे और ₹24.2 लाख ब्याज बचेगा। जितना बड़ा लोन, उतनी बड़ी बचत। यहां Extra EMI का प्रभाव सीधे तौर पर दिखता है।


ब्याज के रूप में इतनी होगी बचत (कुल चुकाए ब्याज की राशि – लाख रुपये में)

लोन राशिईएमआईनॉर्मल ब्याजएक्स्ट्रा ईएमआई के बाद ब्याजब्याज में बचत
30 लाख₹24,20042.6 लाख33.1 लाख9.5 लाख
50 लाख₹40,30070.9 लाख54.8 लाख16.1 लाख
75 लाख₹60,450106.35 लाख82.1 लाख24.2 लाख
1 करोड़₹80,600141.8 लाख109.5 लाख32.3 लाख

ब्याज दरें स्थिर रहने पर कर्जदार क्या करें?

सीए प्रवीण जाखड़ ने बताया कि सबसे पहले, यह जांचें कि आपका लोन किसी बाहरी बेंचमार्क से जुड़ा है या नहीं। RBI Home Loan Guidelines के तहत, बेंचमार्क से जुड़े लोन में ब्याज दरों में बदलाव का फायदा जल्दी मिलता है। दूसरी बात, बैंक या हाउसिंग फाइनेंस कंपनी का स्प्रेड यानी अतिरिक्त मार्जिन देखें।

अगर आपकी आय बढ़ी है, तो स्प्रेड कम कराने के लिए बैंक से बातचीत करें। तीसरी और सबसे अहम बात, EMI और लोन अवधि के विकल्पों पर दोबारा विचार करें। स्थिर ब्याज दरों के माहौल में Extra EMI की रणनीति सबसे कारगर साबित होती है।

निष्कर्ष

RBI के रेपो रेट स्थिर रखने का फैसला आपके लिए मौका है। ब्याज दरों में कटौती का इंतजार करने के बजाय, हर साल एक Extra EMI देने की आदत डालें। यह छोटा कदम लंबे समय में लाखों रुपये बचा सकता है। Home Loan Repayment Strategy में यह सबसे सरल और असरदार तरीका है। आज से ही अपने बैंक से बात करें और इस योजना को लागू करें। आपका यह फैसला खुद आपको धन्यवाद देगा।

डिस्क्लेमर:
यह सामग्री केवल शैक्षणिक एवं सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। इसे किसी भी प्रकार की निवेश, वित्तीय या ट्रेडिंग सलाह अथवा किसी प्रतिभूति (शेयर/सिक्योरिटी) को खरीदने या बेचने की सिफारिश न माना जाए। निवेश से पहले पाठक सेबी (SEBI) में पंजीकृत सलाहकार से परामर्श अवश्य लें, क्योंकि बाजार जोखिमों के अधीन होता है और पिछला प्रदर्शन भविष्य के परिणामों की गारंटी नहीं देता। इस सामग्री के आधार पर हुए किसी भी नुकसान के लिए प्रकाशक और लेखक किसी प्रकार की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करते।

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Anu

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अनु कैरों है। मैंने साल 2016 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बिजनेस इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री की है। मैं एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हूं। मुझे बिजनेस सेक्शन में पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, इकोनॉमी जैसे विषयों पर ब्लॉग लिखना बेहद पसंद हैं। मेरा उद्देश्य पाठकों को फाइनेंस जगत से जुड़ी जानकारियां सरल हिंदी भाषा में उपलब्ध करवाना है।

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