अगर आप भी हर महीने एक फिक्स इनकम चाहते हैं, वो भी बिना किसी रिस्क के, तो आपके लिए एक स्कीम काम की है. पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम यानी POMIS ऐसे ही लोगों के लिए बनी है. न शेयर बाजार का झंझट, न उतार-चढ़ाव की टेंशन. बस एक बार पैसा लगाओ, और हर महीने खाते में इनकम आती रहे.
खासकर रिटायर्ड लोगों के बीच यह स्कीम काफी पॉपुलर है. वजह साफ है. उन्हें एक तय रकम हर महीने चाहिए होती है, वो भी बिना किसी झंझट के.
Table of Contents
- सरकार की गारंटी, रिस्क शून्य
- कितना मिलेगा ब्याज, कैसे खुलेगा अकाउंट
- निवेश की लिमिट क्या है?
- हर महीने कितनी होगी कमाई?
- समय से पहले खाता बंद कराया तो होगा नुकसान
- सामान्य सवाल-जवाब
- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में कम से कम कितना निवेश करना पड़ता है?
- सिंगल और ज्वाइंट अकाउंट की निवेश लिमिट में क्या फर्क है?
- इस स्कीम पर अभी कितना ब्याज मिल रहा है?
- मैच्योरिटी पीरियड से पहले खाता बंद कराने पर क्या होगा?
- खाताधारक की मौत हो जाए तो पैसे का क्या होगा?
सरकार की गारंटी, रिस्क शून्य
पोस्ट ऑफिस की स्कीमों की सबसे बड़ी खासियत क्या है? यही कि इनमें डूबने का डर नहीं रहता. निवेश की गारंटी सीधे सरकार की तरफ से मिलती है.
यही वजह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव से घबराने वाले लोग, खासकर सीनियर सिटीजन, इस तरह की स्कीम को तरजीह देते हैं. एक बार पैसा लगाया, और टेंशन खत्म.
कितना मिलेगा ब्याज, कैसे खुलेगा अकाउंट
फिलहाल POMIS स्कीम पर 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है, और इसका भुगतान हर महीने होता है. यानी पैसा साल में एक बार नहीं, हर महीने खाते में आता है.
अकाउंट खोलने के लिए ज्यादा रकम की भी जरूरत नहीं. महज 1000 रुपये से शुरुआत कर सकते हैं. अकेले भी खाता खोल सकते हैं, और चाहें तो पार्टनर के साथ ज्वाइंट अकाउंट भी. इसके लिए नजदीकी पोस्ट ऑफिस जाकर जरूरी डॉक्यूमेंट्स के साथ अप्लाई करना होता है.

निवेश की लिमिट क्या है?
अब सवाल यह है कि इसमें ज्यादा से ज्यादा कितना पैसा लगाया जा सकता है? सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपये तक निवेश की छूट है. ज्वाइंट अकाउंट में यह लिमिट बढ़कर 15 लाख रुपये हो जाती है.
निवेश की यह रकम एक बार में जमा करनी होती है. इसके बाद स्कीम की मैच्योरिटी तक, यानी 5 साल तक, हर महीने ब्याज की इनकम आपके खाते में आती रहेगी.
हर महीने कितनी होगी कमाई?
15 लाख के निवेश पर – अगर ज्वाइंट अकाउंट में पूरे 15 लाख रुपये एक साथ जमा कर दिए जाएं, तो मौजूदा 7.4% ब्याज दर के हिसाब से हर महीने 9,250 रुपये मिलेंगे. और यह 5 साल तक लगातार मिलता रहेगा.
पूरे 5 साल में ब्याज से होने वाली कुल कमाई का आंकड़ा देखें, तो यह 5.55 लाख रुपये तक पहुंच जाता है. यानी मूलधन तो सुरक्षित रहेगा ही, ऊपर से इतनी अलग कमाई भी.
समय से पहले खाता बंद कराया तो होगा नुकसान
इस स्कीम में यहीं पर एक पेच है. यानी इस स्कीम का पूरा फायदा निवेशक को तभी मिलता है जब खाता 5 साल पूरे होने तक चालू रखा जाए. बीच में बंद कराने पर पैसा कटता है.

अगर अकाउंट खुलने के 1 से 3 साल के भीतर बंद कराया, तो मूलधन में से 2% काट लिया जाएगा. तीन से पांच साल के बीच बंद कराने पर यह कटौती 1% रह जाती है.
एक राहत की बात भी है. अगर मैच्योरिटी से पहले खाताधारक का निधन हो जाता है, तो नॉमिनी अकाउंट बंद करा सकता है और जमा रकम उसे मिल जाती है.
अभी यह साफ नहीं है कि आने वाले महीनों में सरकार इस ब्याज दर में बदलाव करेगी या नहीं, क्योंकि स्मॉल सेविंग स्कीम्स की दरें हर तिमाही रिव्यू होती हैं. फिलहाल के लिए तो जिनके पास एकमुश्त रकम है और नियमित इनकम चाहिए, उनके लिए यह स्कीम एक ठोस विकल्प बनी हुई है.
इसे भी पढ़े – Home Loan Repayment Hack: हर साल एक Extra EMI से होगी लाखों की बचत, जानें पूरी गणित
सामान्य सवाल-जवाब
पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम में कम से कम कितना निवेश करना पड़ता है?
सिर्फ 1000 रुपये से आप इस स्कीम में अकाउंट खोल सकते हैं.
सिंगल और ज्वाइंट अकाउंट की निवेश लिमिट में क्या फर्क है?
सिंगल अकाउंट में अधिकतम 9 लाख रुपये तक और ज्वाइंट अकाउंट में अधिकतम 15 लाख रुपये तक निवेश किया जा सकता है.
इस स्कीम पर अभी कितना ब्याज मिल रहा है?
फिलहाल इस स्कीम पर 7.4% सालाना ब्याज मिल रहा है, जिसका भुगतान मंथली बेसिस पर होता है.
मैच्योरिटी पीरियड से पहले खाता बंद कराने पर क्या होगा?
1-3 साल में बंद कराने पर मूलधन का 2% और 3-5 साल में बंद कराने पर 1% कट जाएगा.
खाताधारक की मौत हो जाए तो पैसे का क्या होगा?
ऐसी स्थिति में अकाउंट बंद कर दिया जाता है और पूरी जमा राशि नॉमिनी को दे दी जाती है.
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