ITR Deadline: रिटर्न भरने के लिए 48 घंटे से भी कम, जानिए ITR-1 और ITR-2 किसके लिए है?

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ITR Deadline : अगर आपने भी अभी तक आईटीआर फाइल नहीं की? तो जरा रुकिए। क्योंकि ITR दाखिल करने की Deadline31 जुलाई है, जिसे पूरा होने में अब 48 घंटे से भी कम समय बचा है। आयकर विभाग की वेबसाइट पर मौजूद आंकड़े बता रहे हैं कि बाकी करदाता कहीं आगे निकल चुके हैं। ताज़ा अपडेट के मुताबिक अभी तक असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए करीब 5 करोड़ से भी ज़्यादा आयकर रिटर्न दाखिल हो चुके हैं। यह संख्या हर घंटे बढ़ रही है।

डेडलाइन नजदीक, रफ्तार तेज़

आयकर विभाग के मुताबिक दाखिल हुए रिटर्न में से 5 करोड़ वेरीफाई हो चुके हैं। प्रोसेसिंग की बात करें तो करीब 2.33 करोड़ रिटर्न पूरी तरह प्रोसेस भी हो चुके हैं। बाकी फाइलें अभी सिस्टम में हैं। कल एक ही दिन में 30 लाख ITR दाखिल हुई.

वजह साफ है – डेडलाइन जितनी करीब आती है, पोर्टल पर उतनी ही भीड़ बढ़ती है। पिछले सालों का ट्रेंड भी यही रहा है कि आखिरी हफ्ते में सबसे ज्यादा रिटर्न फाइल होते हैं।

आयकर विभाग की सीधी अपील – कल पर मत टालो

आयकर विभाग ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए करदाताओं को साफ संदेश दिया है। कहा गया है कि आईटीआर भरने को कल पर न टालें और आखिरी तारीख का इंतजार न करें। असेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए आईटीआर-1 और आईटीआर-2 जल्द से जल्द फाइल करने की सलाह दी गई है।

अब सवाल यह है कि आखिरी दिनों में इंतजार करने से नुकसान क्या है?

लास्ट के समय में हर कोई पैनिक में आ जाता है और सभी एक साथ ITR दाखिल करने के लिए दौड़ पड़ते है इससे पोर्टल स्लो हो सकता है। कभी-कभी सर्वर पर लोड की वजह से लॉगिन तक में दिक्कत आती है। इससे लेट ITR भरने पर आपको जुर्माना भी देना पड़ेगा। यहां देखें डेडलाइन के बाद ITR भरने पर कितना लगेगा जुर्माना

ITR भरने से पहले क्या करें?

आयकर विभाग ने साफ कहा है कि रिटर्न दाखिल करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों का मिलान करना जरूरी है।

इसमें शामिल हैं:

  • फॉर्म 16 — कंपनी से मिलने वाला सैलरी और टैक्स कटौती का ब्यौरा
  • एआईएस (वार्षिक सूचना विवरण)
  • फॉर्म 26एएस
  • बैंक स्टेटमेंट
  • आय से जुड़े अन्य रिकॉर्ड

मकसद एक ही है – आईटीआर में दी गई जानकारी पूरी तरह सही और सटीक हो। एक भी मिसमैच नोटिस की वजह बन सकता है।

किसे भरना होगा ITR-1, कौन है इसका हकदार ?

31 जुलाई की डेडलाइन उन्हीं करदाताओं के लिए है जिन्हें टैक्स ऑडिट की जरूरत नहीं होती। इसमें वेतनभोगी कर्मचारी, पेंशनभोगी, छात्र और इसी तरह के अन्य करदाता आते हैं।

टैक्स छूट का नहीं, फॉर्म चयन का मामला

आईटीआर-1 यानी सहज फॉर्म उन व्यक्तिगत करदाताओं के लिए है जिनकी कुल आय वेतन या पेंशन, एक मकान से आय और अन्य स्रोतों जैसे ब्याज से होती है।

शर्त यह है कि कुल वार्षिक आय 50 लाख रुपये की सीमा के भीतर हो। साथ ही व्यवसाय या पेशे से आय, पूंजीगत लाभ यानी कैपिटल गेन, या एक से अधिक मकानों से आय न हो। सरल आय वाले ज्यादातर वेतनभोगी कर्मचारी इसी फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।

ITR-2 किनके लिए जरूरी है ?

तस्वीर थोड़ी अलग है उन लोगों के लिए जिनकी आय का ढांचा थोड़ा जटिल है। आईटीआर-2 उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार यानी एचयूएफ के लिए है जिन्हें व्यवसाय या पेशे से आय नहीं होती।

लेकिन इनके पास वेतन के अलावा पूंजीगत लाभ, एक से अधिक मकानों से आय, विदेशी संपत्तियों या विदेशी आय जैसे स्रोत होते हैं।

जिन लोगों ने शेयर, म्यूचुअल फंड या संपत्ति बेचकर पूंजीगत लाभ कमाया हो, उन्हें आमतौर पर आईटीआर-2 ही भरना पड़ता है।

इसे भी पढ़े – ITR Filing 2026: ITR-U से अब भी भर सकते हैं पुराना ITR, जानिए कौन उठा सकता है फायदा

आपके ऊपर क्या असर?

अगर आपने इस साल शेयर बेचे हैं, F&O में ट्रेड किया है या एक से ज्यादा घर के मालिक हैं, तो ITR-1 भरने की गलती न करें। गलत फॉर्म चुनने पर बाद में रिवाइज्ड रिटर्न भरना पड़ सकता है।

क्या ITR की डेडलाइन बढ़ाई जाएगी?

अभी तक इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की तरफ से डेडलाइन बढ़ाने का कोई संकेत नहीं है। अभी भी इसकी लास्ट तारीख़ 31 जुलाई 2026 ही हैं।

अभी क्या करें

अगर आपने अब तक फाइल नहीं की, तो सबसे पहले फॉर्म 16 और AIS निकालकर मिलान कर लें। फिर सही फॉर्म चुनकर आज ही पोर्टल पर लॉगिन करें। आखिरी दिन के लिए मत रुकिए – भीड़ का असर आप पर भी पड़ सकता है।

Official Sources

  • आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (incometax.gov.in)

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Anu

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अनु कैरों है। मैंने साल 2016 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बिजनेस इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री की है। मैं एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हूं। मुझे बिजनेस सेक्शन में पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, इकोनॉमी जैसे विषयों पर ब्लॉग लिखना बेहद पसंद हैं। मेरा उद्देश्य पाठकों को फाइनेंस जगत से जुड़ी जानकारियां सरल हिंदी भाषा में उपलब्ध करवाना है।

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