चीन के सस्ते AI-चिप से ग्लोबल बाजार धड़ाम, भारतीय IT सेक्टर में जोरदार रैली

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चीन की एक खबर ने हिला दिया पूरी दुनिया का AI बाजार, भारत को हुआ उल्टा फायदा

मुंबई, चीन से सस्ते एआइ मॉडल्स और चीन की एक सरकारी कंपनी की ओर से अपनी इमर्शन डीप अल्ट्रावायलेट (डीयूवी) लिथोग्राफी मशीन बनाने की योजना की खबर से मंगलवार (28 जुलाई 2026) को AI और ग्लोबल चिप कंपनियों के शेयर धराशायी हो गए।

अगर चीन लिथोग्राफी मशीन बनाने में सफल होता है, तो इसका सीधा असर डच कंपनी ASML के कारोबार पर पड़ेगा जो दुनिया में एडवांस चिप बनाने वाली लिथोग्राफी मशीनों की प्रमुख सप्लायर है।

महंगे वैल्यूएशन ने बढ़ाई चिंता

AI कंपनियों के महंगे वैल्यूएशन और रेकॉर्ड निवेश के बीच कमाई की आशंका को लेकर चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में वैश्विक बिकवाली ने दक्षिण कोरियाई बाजार में कोहराम मचा दिया। कोस्पी इंडेक्स 10.84% टूट गया जिसके कारण 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग भी रोकनी पड़ी। इसके साथ ही अमरीका, ताइवान, जापान सहित दुनियाभर के एआइ स्टॉक्स क्रैश हो गए।

किन देशों के बाजार में कितनी गिरावट रही?

अलग-अलग बाजारों में गिरावट का स्तर काफी अलग रहा:

  • कोसपी, दक्षिण कोरिया: -10.84%
  • निक्केई, जापान: -3.93%
  • टाइएक्स, ताइवान: -4.65%
  • CSI, चीन: -2.83%
  • नैस्डैक, अमेरिका: -2.16%

किन कंपनियों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ?

सेमीकंडक्टर सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों के शेयर बुरी तरह टूटे। SK हाइनिक्स को सबसे ज्यादा -14.65% का झटका लगा, तो सैमसंग भी -13.39% गिरा।

निक्कॉन कॉर्प -11.03%, माइक्रोन टेक -9.74%, मीडिया टेक -9.92% और AMD -8.51% की गिरावट के साथ बंद हुए। इंटेल -7.67%, होनहाय प्रीसिजन -5.93%, कैनन इंक -5.73% और अप्लाइड मटेरियल्स -7.60% टूटा।

भारत का AI सेक्टर क्यों बचा रहा?

इसके विपरीत, भारत का IT सेक्टर ग्लोबल बिकवाली से काफी हद तक अछूता रहा। मंगलवार को भारतीय IT इंडेक्स 3% से ज्यादा चढ़ा, जबकि एशिया-अमेरिका के टेक शेयर क्रैश हो गए।

विश्लेषकों की राय है कि भारतीय IT कंपनियां अपेक्षाकृत सुरक्षित हैं क्योंकि यहां शुद्ध रूप से AI आधारित कंपनियों की संख्या न के बराबर है। यही वजह है कि AI निवेश पर बढ़ती चिंताओं का असर भारतीय IT सेक्टर पर सीमित रहेगा।

ग्लोबल AI क्रैश से भारत को मिला फायदा

ग्लोबल AI क्रैश होने से विदेशी पूंजी अब भारतीय टेक शेयरों में आने की उम्मीद है। AI शेयरों में गिरावट एनवीडिया की ओर से हाल ही में घोषित 750 अरब डॉलर से अधिक के AI इंफ्रा डील से और बढ़ गई। इतने बड़े निवेश ने AI से जुड़े खर्च की व्यवहार्यता और संभावित रिटर्न को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

‘चीन के सस्ते मॉडल US के लिए खतरा’

जेफरीज के क्रिस वुड ने चेतावनी दी है कि सस्ते चीनी AI मॉडल अमेरिकी शेयर बाजार में और बड़ी गिरावट की वजह बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस कंपनी पर भारी निवेश करने वाली अमेरिकी कंपनियों को भविष्य में निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को लेकर बाजार सवाल उठाना शुरू कर सकता है।

चिंता यह है कि AI पर जितना पैसा खर्च हो रहा है, उससे उतनी कमाई होगी या नहीं। चीनी AI मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। पिछले हफ्ते चीन के AI मॉडल ने 36.39 ट्रिलियन टोकन प्रोसेस किए, जबकि अमेरिकी AI मॉडल ने सिर्फ 7.39 ट्रिलियन टोकन प्रोसेस किए। बाजार ने इस बदलाव का पूरा असर शेयर कीमतों में नहीं दिखाया है, यानी आगे और उतार-चढ़ाव की गुंजाइश बनी हुई है।

भारतीय IT शेयरों में किसने मारी सबसे बड़ी छलांग?

अब बात करते हैं उन कंपनियों की, जिन्होंने इस मौके का सबसे ज्यादा फायदा उठाया।

  • कोफोर्ज: 4.46%
  • टेक महिंद्रा: 3.49%
  • परसिस्टेंट: 3.22%
  • एमफैसिस: 3.57%
  • टाटा टेक: 3.74%
  • इंफोसिस: 2.39%
  • केपीआईटी: 3.37%

निफ्टी IT इंडेक्स मंगलवार को 3.32% चढ़ा। ग्लोबल AI स्टॉक्स के क्रैश होने के बीच सेंसेक्स 70 अंक टूटकर 76,766 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 23,985 के स्तर पर लगभग सपाट रहा।

जुलाई में IT शेयरों की रैली, 13% तक चढ़ा इंडेक्स

AI पर खर्च लगातार बना रहेगा या नहीं, इस चिंता से वैश्विक चिप कंपनियों में बिकवाली की आंधी चलने लगी है। यूनियन बैंकएयर प्रीवी का कहना है कि AI से जुड़े शेयरों को लेकर अब लालच डर में बदल गया है।

हालांकि भारतीय IT शेयरों में अब रैली जारी है। दो दिन में निफ्टी IT इंडेक्स 6% चढ़ा है। जुलाई महीने में अब तक निफ्टी IT 13% तेजी आई है। इस महीने पर्सिस्टेंट, एक्सएसील, एलएंडटी जैसे शेयरों में 26% तक तेजी आई है।

आगे बाजार का रुख कैसा रहेगा?

चीन के सस्ते AI मॉडल और मशीनों की खबर ने साफ दिखा दिया है कि ग्लोबल टेक बाजार कितना संवेदनशील हो चुका है। भारतीय निवेशकों के लिए यह वक्त सावधानी और मौके, दोनों का है। जिन कंपनियों के पास शुद्ध AI एक्सपोजर कम है, वे फिलहाल सुरक्षित नजर आ रही हैं, लेकिन ग्लोबल बाजार में अभी भी उतार-चढ़ाव जारी रहने की आशंका बनी हुई है। निवेशकों को आने वाले दिनों में अमेरिकी और चीनी AI कंपनियों के नतीजों पर करीबी नजर रखनी होगी।

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डिस्क्लेमर – यह आर्टिकल केवल जानकारी और समाचार के मकसद से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी बाजार के मौजूदा आंकड़ों और विश्लेषकों की राय पर आधारित है। यह किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले पाठकों को अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। पुराना प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता।

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Anu

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अनु कैरों है। मैंने साल 2016 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बिजनेस इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री की है। मैं एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हूं। मुझे बिजनेस सेक्शन में पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, इकोनॉमी जैसे विषयों पर ब्लॉग लिखना बेहद पसंद हैं। मेरा उद्देश्य पाठकों को फाइनेंस जगत से जुड़ी जानकारियां सरल हिंदी भाषा में उपलब्ध करवाना है।

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