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एक तरफ कोरिया में हाहाकार, दूसरी तरफ भारतीय बाजार में जश्न जैसा माहौल
South Korea’s Kospi index crashed: क्या आपने भी सोचा होगा कि एक ही दिन में दुनिया के दो बड़े शेयर बाजार बिल्कुल अलग दिशा में क्यों चल पड़े? बुधवार को कुछ ऐसा ही देखने को मिला। जहां भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी रही, वहीं साउथ कोरिया का बाजार लगातार दूसरे दिन बुरी तरह क्रैश हो गया।
कोस्पी इंडेक्स की ओपनिंग ही बेहद खराब रही। कुछ ही देर के कारोबार में इसमें लोअर सर्किट लग गया। नतीजा यह हुआ कि कोरियाई स्टॉक एक्सचेंज को करीब 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी।
आखिर ट्रेडिंग क्यों रोकी गई?
साउथ कोरियाई बाजार में एक्सचेंज का नियम है कि भारी गिरावट में ट्रेडिंग रोक दी जाती है। यह कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि तय सर्किट ब्रेकर नियम के तहत हुआ।
इसका मकसद साफ है, घबराहट में होने वाली बिकवाली यानी पैनिक सेलिंग को रोकना और निवेशकों को सोचने-समझने का थोड़ा वक्त देना।
चार दिन में 26% टूट चुका है बाजार
बीते 2-3 महीनों में जिन AI शेयरों के बदौलत साउथ कोरिया के बाज़ार ने भारत को पछाड़ा था, वही एआई अब उसके लिए मुसीबत का कारण बन गया हैं। पिछले चार कारोबारी दिनों से कोस्पी में भूचाल जारी है। इन चार दिनों में यह इंडेक्स 25.84% तक टूट चुका है। वही कोस्पी इंडेक्स ने 19 जून 2026 को अपना ऑल टाइम हाई लगाया था, अपने ऑल टाइम हाई लेवल से आज यानी 29 जुलाई को यह 43.92 फीसदी नीचे आ चुका है।

मंगलवार को सैमसंग और SK हाइनिक्स जैसे दिग्गज चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट के चलते साउथ कोरियाई इंडेक्स 11% से ज्यादा फिसल गया था।
बुधवार को क्या हुआ, चौंकाने वाले आंकड़े
बुधवार का दिन तो और भी हैरान करने वाला रहा। SK Hynix के शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद कंपनी का शेयर करीब 15% गिर गया। सैमसंग के शेयर में भी 8% की गिरावट दर्ज हुई।
नतीजा? कोस्पी लगातार दूसरे दिन खुलते ही 10% के लोअर सर्किट के साथ 5262 के स्तर पर पहुंच गया। सिर्फ कोस्पी ही नहीं, स्मॉल और मिडकैप कंपनियों को ट्रैक करने वाला KOSDAQ इंडेक्स भी 8% से ज्यादा टूट गया।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में बाज़ार एक्सपर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक कोस्पी इंडेक्स असल में सिर्फ 2 दिग्गज कंपनियों, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और SK हाइनिक्स पर टिका हुआ है।
यह दोनों कंपनियां कोरियाई चिप मार्केट के आधे हिस्से को संभालती हैं। जब इनके शेयर एक साथ गिरते हैं, तो बचने की कोई जगह नहीं बचती।
आखिर गिरावट की सबसे बड़ी वजह क्या रही?
अब सवाल यह है कि यह सब हो क्यों रहा है। मुख्य वजह है चिप शेयरों में तगड़ी बिकवाली। यह बिकवाली ग्लोबल स्तर पर देखी जा रही है, और इसकी जड़ में है चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और AI पर होने वाले भारी खर्च की स्थिरता को लेकर चिंता।
इसके अलावा एक और वजह ने आग में घी का काम किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए तेज उछाल ने भी गिरावट को और बल दिया।
बुधवार को Brent Crude Oil की कीमत एक झटके में 4% से ज्यादा चढ़ गई, और 88 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार करती नजर आई।
भारतीय बाजार में आज कैसा रहा माहौल?
अब आते हैं भारत की तरफ। यहां तस्वीर बिल्कुल उलट रही। आज भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत शानदार तेजी के साथ हुई।
BSE का 30 शेयरों वाला सूचकांक सेंसेक्स 657 अंक उछलकर 77,423 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की। निफ्टी भी 191 अंकों की तेजी के साथ 24,176 पर खुलने में कामयाब रहा।
कच्चे तेल का पूरा हिसाब समझिए
पिछले तीन दिनों की भारी गिरावट के बाद आज कच्चे तेल में उछाल आया है। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI क्रूड फ्यूचर्स 2.60 डॉलर यानी 3.28% बढ़कर 81.86 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गए।
वहीं अगस्त डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स में 4.20% की बढ़त दर्ज हुई, और यह 87.62 डॉलर के स्तर पर पहुंच गया। यह 90 डॉलर के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर के बेहद करीब है।
हालांकि, COMEX पर क्रूड की कीमतें इसके उलट 4.13% गिरकर 82.53 डॉलर प्रति बैरल पर आ गईं। यानी अलग-अलग बाजारों में क्रूड की चाल अलग दिख रही है।
रुपये का क्या हाल रहा?
कच्चे तेल की कीमतों में आई इस अचानक तेजी के बावजूद भारतीय रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले निचले स्तरों से थोड़ा संभल गया। आज यह 95.62 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा है।
कल रुपये का बंद भाव 95.84 रहा था। यानी कल के मुकाबले आज रुपये में मामूली सुधार देखने को मिला है।
आगे बाजार का रुख कैसा रहेगा?
साउथ कोरिया के बाजार में जो हलचल मची है, उसका असली इम्तिहान अगले कुछ दिनों में दिखेगा। सैमसंग और SK हाइनिक्स जैसी कंपनियों पर टिका यह बाजार कब तक संभलता है, यह देखना दिलचस्प होगा। भारतीय निवेशकों के लिए फिलहाल राहत की बात है कि घरेलू बाजार में तेजी बनी हुई है, लेकिन ग्लोबल चिप सेक्टर की अस्थिरता और कच्चे तेल के उतार-चढ़ाव पर नजर बनाए रखना जरूरी रहेगा।
इसे भी पढ़े – चीन के सस्ते AI-चिप से ग्लोबल बाजार धड़ाम, भारतीय IT सेक्टर में जोरदार रैली
डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल केवल जानकारी और समाचार के मकसद से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी मौजूदा बाजार के आंकड़ों और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट पर आधारित है। यह किसी भी तरह की निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है, निवेश से पहले पाठकों को अपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। पुराना प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता।
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