ESDS शेयर पर टूटे निवेशक! आज फिर लगा 20% अपर सर्किट… अब बेचें या होल्ड करें, जानिए एक्सपर्ट की सलाह

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हाइलाइट्स

  • ESDS शेयर 20% अपर सर्किट के साथ ₹1,308.05 पर बंद
  • IPO इश्यू प्राइस ₹429 से अब तक करीब 204.91% का रिटर्न
  • IPO को कुल 135.88 गुना सब्सक्रिप्शन, QIB हिस्सा 274.97 गुना भरा
  • ₹720 करोड़ के इश्यू में से ₹576 करोड़ डेटा सेंटर पर खर्च होंगे

ESDS Share Price: ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन के शेयर ने मंगलवार, 8 सितंबर को NSE पर 20% का अपर सर्किट छू लिया और भाव ₹1,308.05 पर पहुंच गया. इससे पहले कल भी 20% का अपर सर्किट लगा था. कंपनी के IPO का इश्यू प्राइस ₹429 था, यानी सिर्फ तीन ट्रेडिंग सेशन में निवेशकों का पैसा करीब 1204.91% बढ़ चुका है. NSE और BSE पर स्टॉक की लिस्टिंग 4 सितंबर 2026 को हुई थी.

दरअसल, जिन निवेशकों को अलॉटमेंट मिला था, उनके एक-एक शेयर की कीमत महज दो कारोबारी दिनों में ₹429 से बढ़कर ₹1,308.05 हो गई है. यानी 3 गुना से भी ज्यादा. अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी तेज़ रैली के बाद शेयर को पकड़कर रखा जाए या मुनाफा निकाल लिया जाए.

तीन सेशन में पैसा तीन गुना, पूरा हिसाब

शुक्रवार, 4 सितंबर को ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का शेयर NSE पर ₹757 पर लिस्ट हुआ था. यह इश्यू प्राइस ₹429 के मुकाबले 76.46% का प्रीमियम था. BSE पर शेयर ₹746.30 पर खुला, जो 73.96% प्रीमियम बैठता है.

लिस्टिंग वाले दिन ही शेयर करीब 111.75% चढ़ गया था. वहीं सोमवार को इसमें 20% का अपर सर्किट लगा था और आज यानी मंगलवार को फिर से 20% का अपर सर्किट लग गया. खास बात ये है कि इतनी बड़ी छलांग सिर्फ तीन कारोबारी दिनों में आई है, जो हाल की लिस्टिंग्स में गिनी-चुनी कंपनियों के साथ हुआ है.

डिटेलआंकड़ा
IPO प्राइस बैंड₹408–429 प्रति शेयर
फाइनल इश्यू प्राइस₹429
NSE लिस्टिंग प्राइस₹757 (76.46% प्रीमियम)
BSE लिस्टिंग प्राइस₹746.30 (73.96% प्रीमियम)
मौजूदा भाव (7 सितंबर)₹1,308.05
कुल रिटर्नकरीब 205%

अब खरीदें या मुनाफा निकाल लें?

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड की हेड ऑफ वेल्थ शिवानी न्याति ने साफ कहा है कि इतनी बड़ी लिस्टिंग गेन के बाद कुछ प्रॉफिट बुकिंग आना लाजमी है. उनका कहना है कि वैल्यूएशन फिलहाल फंडामेंटल से आगे निकल चुका है.

न्याति ने दो अलग-अलग तरह के निवेशकों के लिए अलग सलाह दी है. जिन्हें IPO में शेयर मिले हैं, वे मौजूदा भाव पर आंशिक मुनाफा निकाल सकते हैं. बाकी होल्डिंग पर ₹650–680 का स्टॉप लॉस रखने की बात कही गई है.

  • अलॉटमेंट मिला है: कुछ हिस्सा बेचकर मुनाफा सुरक्षित करें
  • बची होल्डिंग पर: ₹650–680 का स्टॉप लॉस लगाएं
  • अलॉटमेंट नहीं मिला: इस भाव पर पीछे मत भागें
  • नई एंट्री के लिए: ₹600–650 तक गिरावट का इंतज़ार करें

गौर करने वाली बात ये है कि ₹650–680 का स्टॉप लॉस मौजूदा ₹1,308.05 के भाव से करीब 90–92% नीचे है. यानी एक्सपर्ट खुद मान रहे हैं कि यहां से उतार-चढ़ाव तीखा हो सकता है. नए निवेशकों के लिए यह लेवल एंट्री पॉइंट का काम कर सकता है.

IPO को मिला था 135 गुना सब्सक्रिप्शन

लिस्टिंग पर इतनी तगड़ी कमाई अचानक नहीं हुई. बोली के आखिरी दिन तक ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का पब्लिक इश्यू कुल 135.88 गुना भर चुका था. मांग हर कैटेगरी में दिखी, लेकिन बड़े निवेशक सबसे आगे रहे.

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB का हिस्सा 274.97 गुना सब्सक्राइब हुआ, जो सबसे ज्यादा था. नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII कैटेगरी 202.87 गुना भरी. रिटेल निवेशकों का हिस्सा 41.68 गुना सब्सक्राइब हुआ.

इसका सीधा मतलब ये है कि रिटेल कैटेगरी में भी हर 41 आवेदन पर औसतन एक को ही शेयर मिल पाया. बता दें कि जब QIB का हिस्सा इतना ज्यादा भरता है, तो लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव अक्सर कम रहता है.

₹720 करोड़ का पैसा कहां लगेगा?

यह पूरा IPO फ्रेश इश्यू था, यानी ₹720 करोड़ तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए गए. इसमें कोई ऑफर फॉर सेल नहीं था. मतलब यह पूरी रकम सीधे कंपनी के खाते में जा रही है, प्रमोटर की जेब में नहीं.

कंपनी ने बताया है कि इस रकम में से ₹576 करोड़ क्लाउड कंप्यूटिंग इक्विपमेंट की खरीद और इंस्टॉलेशन पर खर्च होंगे. यह पैसा डेटा सेंटर के इंफ्रास्ट्रक्चर में लगेगा. बची हुई रकम जनरल कॉरपोरेट पर्पज में इस्तेमाल होगी.

यानी जुटाए गए पैसे का करीब 80% हिस्सा सीधे कैपेसिटी बढ़ाने में जा रहा है. निवेशक के नजरिये से यह एक अहम बात है, क्योंकि इससे आने वाले सालों में रेवेन्यू बढ़ने की गुंजाइश बनती है.

कंपनी करती क्या है, कौन हैं इसके ग्राहक?

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन की शुरुआत साल 2005 में हुई थी. कंपनी क्लाउड कंप्यूटिंग, मैनेज्ड सर्विसेज, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस – इन चारों में काम करती है. भारत की सिर्फ दो कंपनियों में यह शामिल है जो GPU-ऐज़-अ-सर्विस (GPUaaS) समेत पूरा सुइट ऑफर करती हैं.

वित्त वर्ष 2026 के दौरान कंपनी ने 2,500 से ज्यादा ग्राहकों को सर्विस दी. इनमें BFSI यानी बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस सेक्टर के क्लाइंट हैं. सरकारी संगठन और बड़े एंटरप्राइज भी इस लिस्ट में शामिल हैं.

शिवानी न्याति के मुताबिक, ब्रोकरेज ने IPO पर ‘सब्सक्राइब’ रेटिंग मार्जिन में तेज़ सुधार, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में करीब नौ गुना ग्रोथ और मजबूत कस्टमर स्टिकीनेस की वजह से दी थी.

लॉन्ग टर्म में स्ट्रक्चरल ग्रोथ का मिलेगा मौका

न्याति ने यह भी जोड़ा कि भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटलाइजेशन की मांग लगातार बढ़ रही है. इससे ESDS को लंबी अवधि में स्ट्रक्चरल ग्रोथ का मौका मिलता है. हालांकि, यह नज़रिया मीडियम से लॉन्ग टर्म का है.

शेयर की असल डिमांड-सप्लाई का पता सर्किट खुलने के बाद ही चलेगा. निवेशकों की नजर अब कंपनी के पहले तिमाही नतीजों और सर्किट फ्री ट्रेडिंग के दिन पर रहेगी.

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FAQs

ESDS शेयर का आज का भाव कितना है?

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का शेयर 8 सितंबर को NSE पर ₹1,308.05 पर 20% अपर सर्किट के साथ लॉक रहा. IPO इश्यू प्राइस ₹429 के मुकाबले यह करीब 205% ऊपर है. दो सेशन में यह तेज़ी आई है.

ESDS IPO में निवेशकों को कितना फायदा हुआ?

IPO में शेयर पाने वाले निवेशकों का पैसा 3 ट्रेडिंग सेशन में 3 गुना से ज्यादा हो गया. लिस्टिंग वाले दिन शेयर करीब 112% चढ़ा था, और अगले 2 सेशन में 20-20% का अपर सर्किट और लग गया.

क्या अब ESDS शेयर खरीदना चाहिए?

जिन्हें अलॉटमेंट नहीं मिला, उन्हें इस भाव पर पीछे भागने से बचने की सलाह दी गई है. स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट की शिवानी न्याति के मुताबिक, नई एंट्री के लिए ₹600–650 तक गिरावट का इंतज़ार बेहतर रहेगा.

ESDS शेयर पर स्टॉप लॉस कितना रखें?

अलॉटमेंट पाने वाले निवेशक मौजूदा लेवल पर आंशिक मुनाफा निकालकर बची होल्डिंग पर ₹650–680 का स्टॉप लॉस रख सकते हैं. यह मौजूदा भाव ₹1,308.05 से करीब 90–92% नीचे का लेवल बैठता है.

ESDS का IPO कितना सब्सक्राइब हुआ था?

ESDS सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन का IPO कुल 135.88 गुना सब्सक्राइब हुआ था. इसमें QIB हिस्सा 274.97 गुना, NII हिस्सा 202.87 गुना और रिटेल हिस्सा 41.68 गुना भरा. यह पूरा ₹720 करोड़ का फ्रेश इश्यू था.

डिस्क्लेमर: यहां प्रदान की गई जानकारी केवल सूचना हेतु दी जा रही है। यहां आपको यह बताना जरूरी है कि म्‍यूचुअल फंड या शेयर मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा अपने वित्तीय सलाहकार (financial planner) से राय अवश्य लें। BusinessTak द्वारा यहां कभी भी किसी को पैसा लगाने की सलाह नहीं दी जाती।

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Anu

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम अनु कैरों है। मैंने साल 2016 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बिजनेस इकोनॉमिक्स में मास्टर डिग्री की है। मैं एक डिजिटल कंटेंट क्रिएटर हूं। मुझे बिजनेस सेक्शन में पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, इकोनॉमी जैसे विषयों पर ब्लॉग लिखना बेहद पसंद हैं। मेरा उद्देश्य पाठकों को फाइनेंस जगत से जुड़ी जानकारियां सरल हिंदी भाषा में उपलब्ध करवाना है।

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